सोना-चांदी फिर धड़ाम, ₹30000 तक की गिरावट; आखिर बार-बार क्यों क्रैश हो रही धातुएं?

“सोने और चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट ने बाजार को हिला दिया है, जहां 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम ₹1,52,650 तक गिर गई, जबकि जनवरी के पीक से ₹30,000 की कमी आई। चांदी प्रति किलोग्राम ₹2,51,790 पर ट्रेड कर रही है, जो पीक से 45% नीचे है। मुख्य कारणों में मजबूत अमेरिकी डॉलर, फेड चेयर नॉमिनेशन, भू-राजनीतिक तनावों में कमी और प्रॉफिट बुकिंग शामिल हैं, जो निवेशकों को सतर्क बना रहे हैं।”

सोने की कीमतों में गुरुवार को तेज गिरावट दर्ज की गई, जहां MCX पर अप्रैल डिलीवरी के लिए 24 कैरेट सोना ₹1,50,906 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जो पिछले सेशन से 1.40% नीचे है। स्पॉट प्राइस भी ₹1,53,106 पर आ गया, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,39,929 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। जनवरी के अंत में सोना ₹1,80,799 के रिकॉर्ड हाई पर था, जिससे मौजूदा स्तर पर ₹30,000 प्रति 10 ग्राम की गिरावट हो चुकी है। चांदी में और भी ज्यादा गिरावट देखी गई, जहां MCX मार्च फ्यूचर्स ₹2,42,000 प्रति किलोग्राम तक गिरे, जो 10% की कमी दर्शाता है। पिछले सेशन में यह ₹2,68,850 पर बंद हुआ था, और पीक ₹4,20,048 से 45% नीचे आ चुका है।

ये गिरावट वैश्विक और घरेलू कारकों का नतीजा है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने डॉलर-डिनॉमिनेटेड मेटल्स को महंगा बना दिया, जिससे विदेशी मुद्रा धारकों के लिए सोना-चांदी कम आकर्षक हो गया। डॉलर इंडेक्स दो सप्ताह के हाई पर पहुंचा, जो फेडरल रिजर्व के नए चेयर केविन वार्श के नॉमिनेशन से जुड़ा है। वार्श को मॉनिटरी पॉलिसी में हॉकिश माना जाता है, जिससे रेट कट की उम्मीदें कम हुईं और मेटल्स पर दबाव बढ़ा।

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भू-राजनीतिक तनावों में कमी ने सेफ-हेवन डिमांड को घटाया। अमेरिका और ईरान के बीच ओमान में बातचीत की खबरें आईं, जबकि ट्रंप और शी जिनपिंग के फोन कॉल ने यूएस-चाइना ट्रेड टेंशन को कम किया। इससे निवेशक जोखिम वाले एसेट्स की ओर मुड़े, और मेटल्स से प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो गई। चीन में गोल्ड कंजम्प्शन 3.57% गिरा, जबकि डोमेस्टिक प्रोडक्शन बढ़ा, जो सप्लाई साइड पर दबाव डाल रहा है।

भारतीय बाजार में भी प्रभाव दिखा। IBJA के अनुसार, सोना प्रति 10 ग्राम ₹2,932.52 पर है, जबकि चांदी ₹2,93,252 प्रति किलोग्राम। दुबई में सोना ₹1,45,756 प्रति 10 ग्राम है, जो भारत से 4.73% सस्ता है, इंपोर्ट ड्यूटी के कारण। ETF में 20% तक की गिरावट आई, जो निवेशकों की सतर्कता दर्शाती है।

प्रमुख शहरों में सोने-चांदी की कीमतें (24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम, चांदी प्रति किलोग्राम)

शहरसोना (₹)बदलाव (₹)चांदी (₹)बदलाव (₹)
दिल्ली1,52,650-6402,51,790-19,200
मुंबई1,53,290-5022,49,346-24,103
चेन्नई1,54,420-4602,52,719-26,850
बेंगलुरु1,41,550-4,6002,42,000-21,700
हैदराबाद1,50,736-2,3102,44,747-24,103

ये आंकड़े MCX और स्पॉट मार्केट से लिए गए हैं, जहां गिरावट की दर 0.42% से 7.09% तक रही। सोने में 2-3% की दैनिक गिरावट सामान्य से ज्यादा है, जबकि चांदी में 16% तक की गिरावट ने बाजार को चौंका दिया।

क्रैश के प्रमुख कारण: बिंदुवार विश्लेषण

मजबूत अमेरिकी डॉलर: ट्रंप के दूसरे टर्म में टैरिफ और फेड जांच से डॉलर मजबूत हुआ, जो मेटल्स को दबा रहा है। वार्श की नॉमिनेशन ने रेट कट की संभावना घटाई, जिससे गोल्ड 9% और सिल्वर 15% गिरा।

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प्रॉफिट बुकिंग: 2025 में सोना 65% और चांदी 150% बढ़ी, जो रिकॉर्ड हाई पर पहुंची। निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर बिक्री की, जिससे स्नोबॉल इफेक्ट हुआ। Deutsche Bank के अनुसार, ये गिरावट शॉर्ट-टर्म है, और $6,000 प्रति औंस का टारगेट बरकरार है।

भू-राजनीतिक राहत: अमेरिका-वेनेजुएला, ईरान और यूरोप के तनाव कम होने से सेफ-हेवन डिमांड घटी। ट्रंप-पॉवेल विवाद ने पहले मेटल्स को बढ़ाया, लेकिन अब स्थिरता की उम्मीद से दबाव।

ग्लोबल मार्केट वोलेटिलिटी: टेक स्टॉक्स में सेल-ऑफ एशियन मार्केट्स तक फैला, जहां AI खर्च पर चिंता बढ़ी। भारत में इक्विटी डेरिवेटिव्स पर टैक्स हाइक ने सेंटीमेंट प्रभावित किया।

डिमांड-सप्लाई असंतुलन: चीन का गोल्ड कंजम्प्शन गिरा, जबकि इंडिया और चाइना की डिमांड महत्वपूर्ण है। सिल्वर की टेक इंडस्ट्री यूज बढ़ी, लेकिन ओवरबॉट स्थिति ने करेक्शन ट्रिगर किया।

संरचनात्मक शिफ्ट: WisdomTree के अनुसार, गोल्ड का बायर बेस बढ़ रहा है, जैसे चाइनीज इंश्योरर्स और इंडियन पेंशन फंड्स। लेकिन स्पेकुलेटिव ट्रेडर्स ने रिवर्सल फोर्स किया।

निवेशकों के लिए ये गिरावट अवसर हो सकती है, क्योंकि लॉन्ग-टर्म ट्रेंडलाइन सपोर्ट ₹1,45,000-₹1,48,000 पर है। सिल्वर में ₹2,35,000-₹2,50,000 सपोर्ट से रिकवरी संभव, जो ₹3,00,000 तक ले जा सकती है। हालांकि, ब्रेकडाउन पर और गिरावट का जोखिम है। UBS के अनुसार, बुल मार्केट खत्म नहीं हुआ, और $6,200 प्रति औंस का पोटेंशियल है।

फ्यूचर्स मार्केट अपडेट

MCX पर गोल्ड अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट ₹1,53,725 पर राइज कर रहा है, लेकिन ओवरऑल ट्रेंड डाउनवर्ड। सिल्वर मार्च ₹2,52,719 पर सेटल हुआ, लेकिन 8.97% नीचे। COMEX पर गोल्ड $4,500 नीचे गिरा, जबकि सिल्वर $120 से नीचे। निवेशक ETF और डिजिटल गोल्ड पर फोकस कर रहे हैं, जहां 20% ड्रॉप ने वैल्यूएशन आकर्षक बनाई।

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निवेश स्ट्रैटेजी पॉइंट्स

सपोर्ट लेवल्स पर बायिंग: गोल्ड में ₹1,45,000 नीचे न गिरने पर एंटर करें।

डाइवर्सिफिकेशन: सिल्वर की वोलेटिलिटी ज्यादा, इसलिए 10-15% पोर्टफोलियो में रखें।

मॉनिटर फेड: वार्श की पॉलिसी से रेट कट पर असर, जो मेटल्स को बूस्ट दे सकती है।

ग्लोबल क्यूज: ट्रंप टैरिफ और डेब्ट लेवल्स से डी-डॉलराइजेशन ट्रेंड जारी रहेगा।

रिस्क मैनेजमेंट: स्टॉप-लॉस यूज करें, क्योंकि वोलेटिलिटी अनहर्ड-ऑफ लेवल पर है।

ये ट्रेंड्स दर्शाते हैं कि मेटल्स की कीमतें बार-बार क्रैश हो रही हैं, लेकिन फंडामेंटल्स मजबूत हैं। निवेशक सतर्क रहें, क्योंकि रिकवरी की संभावना ज्यादा है।

Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट और टिप्स स्रोतों पर आधारित है।

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