“बजट 2026 में कैपेक्स बढ़ोतरी और STT हाइक से बाजार में शुरुआती गिरावट आई, लेकिन US-India ट्रेड डील ने सेंटीमेंट बूस्ट किया; निफ्टी 25,500 के सपोर्ट पर टिका, बैंक निफ्टी 60,000 के ऊपर मजबूत; एक्सपर्ट्स का मानना है कि लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पॉजिटिव रहेगी, एक्सपोर्ट सेक्टर को फायदा।”
बजट 2026 ने फिस्कल डेफिसिट को 4.3% पर टारगेट किया, जो पिछले साल के 4.4% से कम है, और कैपिटल एक्सपेंडिचर को 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस सेक्टर में तेजी की उम्मीद है। हालांकि, F&O पर STT बढ़ोतरी (फ्यूचर्स पर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15%) ने डेरिवेटिव ट्रेडिंग को महंगा बनाया, जिससे बाजार में वॉल्यूम घट सकता है। बजट के दिन सेंसेक्स 1,800 पॉइंट्स गिरा और निफ्टी 25,000 के नीचे बंद हुआ, लेकिन अगले दिनों में रिकवरी हुई।
US-India ट्रेड डील में अमेरिका ने भारतीय गुड्स पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया, जबकि भारत ने US गुड्स पर टैरिफ जीरो किया और रशियन ऑयल की जगह US सप्लाई पर शिफ्ट करने का कमिटमेंट दिया। इससे एक्सपोर्ट्स बढ़ने की उम्मीद है, खासकर ऑटो, IT, फार्मा, केमिकल्स और टेक्सटाइल्स में। EU के साथ FTA ने भी टैरिफ्स कम किए, जिससे EU एक्सपोर्ट्स डबल हो सकते हैं। इन डील्स से GDP ग्रोथ को 0.2-0.3% का बूस्ट मिल सकता है, और FII आउटफ्लो रुकने की संभावना है।
शेयर बाजार की चाल पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि शॉर्ट-टर्म वॉलेटिलिटी बनी रहेगी, लेकिन लॉन्ग-टर्म में पॉजिटिव ट्रेंड। बजट ने मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट दिया, जैसे सेमीकंडक्टर और बायोफार्मा पर फोकस, जबकि ट्रेड डील्स ने ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की पोजिशन मजबूत की। हालांकि, ग्लोबल क्यूज जैसे AI डिसरप्शन और जियोपॉलिटिकल टेंशंस से सावधानी बरतनी होगी।
निफ्टी और बैंक निफ्टी के अहम लेवल्स
निफ्टी 50 वर्तमान में 25,600-25,700 के आसपास ट्रेड कर रहा है। बजट के बाद 1,769 पॉइंट्स की रेंज में स्विंग हुआ, लेकिन 25,440 अब सपोर्ट बन गया। बैंक निफ्टी 60,100-60,200 पर है, जो ब्रॉडर मार्केट से बेहतर परफॉर्म कर रहा है। यहां एक टेबल में की लेवल्स:
एक्सपर्ट्स से समझें बाजार की दिशा
| इंडेक्स | करंट लेवल | सपोर्ट लेवल्स | रेजिस्टेंस लेवल्स | एक्सपर्ट व्यू |
|---|---|---|---|---|
| निफ्टी 50 | 25,693 | 25,500; 25,450; 25,000 | 25,900; 26,000; 26,500 | ब्रेकआउट पर 26,700 तक जा सकता है; 25,450 नीचे गिरावट का रिस्क |
| बैंक निफ्टी | 60,120 | 59,800; 59,400; 59,200 | 60,400; 61,000; 61,700 | प्राइवेट बैंक लीड कर रहे; 60,200 होल्ड करने पर पॉजिटिव बायस |
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बजट और ट्रेड डील्स से इकोनॉमिक ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। Aishvarya Dadheech (Fident Asset Management) कहते हैं कि US डील ने मार्केट ओवरहैंग हटाया, जिससे निफ्टी में 1.5% की वीकली गेन हुई। Sudeep Shah (SBI Securities) का मानना है कि बैंक निफ्टी में 61,764 का हाई टच करने के बाद पुलबैक आया, लेकिन मीडियम-टर्म अपट्रेंड बरकरार। Radhika Gupta (Edelweiss MF) चेतावनी देती हैं कि ग्लोबल अनसर्टेन्टीज से बजट अकेला FII फ्लोज नहीं बदल सकता, लेकिन ट्रेड डील्स से सेंटीमेंट सुधरा।
सेक्टर-वाइज, इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स में कैपेक्स बढ़ोतरी से तेजी आएगी। मैन्युफैक्चरिंग में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स को बूस्ट, जबकि MSME सपोर्ट से स्मॉलकैप्स में रिकवरी। ट्रेड डील्स से एक्सपोर्टर्स जैसे ऑटो और फार्मा में ग्रोथ। हालांकि, STT हाइक से HFT ट्रेडर्स प्रभावित होंगे, और डेरिवेटिव वॉल्यूम 10-15% घट सकता है।
एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि इन्वेस्टर्स लॉन्ग-टर्म व्यू रखें। Kunal Shah (Mirae Asset ShareKhan) कहते हैं कि निफ्टी में 25,900-26,000 जोन ब्रेक करने पर शॉर्ट-कवरिंग से तेज रैली। बैंक निफ्टी में प्राइवेट बैंक जैसे HDFC Bank और ICICI Bank लीड करेंगे, जबकि PSU बैंक रेंज-बाउंड रह सकते हैं। ओवरऑल, 2026 में नॉमिनल GDP ग्रोथ 10% रहने से मार्केट 7-8% रिटर्न दे सकता है, लेकिन वॉलेटिलिटी से बचने के लिए डाइवर्सिफिकेशन जरूरी।
की पॉइंट्स बजट और ट्रेड डील्स के प्रभाव पर
कैपेक्स फोकस: 12.2 लाख करोड़ से इंफ्रा स्टॉक्स जैसे Larsen & Toubro, UltraTech में अपसाइड।
STT इंपैक्ट: डेरिवेटिव ट्रेडिंग महंगी, लेकिन इक्विटी मार्केट पर न्यूट्रल।
US डील बेनिफिट्स: $500 बिलियन US गुड्स खरीद से एनर्जी और टेक सेक्टर मजबूत।
EU FTA: एक्सपोर्ट्स डबलिंग से टेक्सटाइल्स और जेम्स एंड ज्वेलरी में ग्रोथ।
रिस्क्स: ग्लोबल ट्रेड वॉर्स और AI डिसरप्शन से IT सेक्टर प्रेशर में।
आउटलुक: शॉर्ट-टर्म कंसॉलिडेशन, लेकिन 2026 में 26,500 तक निफ्टी टारगेट।
एक्सपर्ट्स का कंसेंसस है कि बजट ने फिस्कल डिसिप्लिन दिखाया, जबकि ट्रेड डील्स ने ग्लोबल इंटीग्रेशन बढ़ाया। बैंक निफ्टी की स्ट्रेंथ से फाइनेंशियल सेक्टर लीड करेगा, लेकिन निफ्टी में ब्रेकआउट का इंतजार। इन्वेस्टर्स को 25,500 के नीचे स्टॉपलॉस रखकर लॉन्ग पोजिशंस बिल्ड करनी चाहिए।
Disclaimer: यह न्यूज, रिपोर्ट्स और टिप्स पर आधारित है।