“मुंबई की कोस्टल रोड पर अब सफर के दौरान बोरियत दूर करने वाली अनोखी शुरुआत हो गई है। 500 मीटर लंबे विशेष हिस्से पर 60-80 किमी/घंटा की स्पीड से गाड़ी चलाने पर टायरों की रगड़ से ए.आर. रहमान का ऑस्कर विजेता गाना ‘जय हो’ बजने लगता है। यह भारत की पहली म्यूजिकल रोड है, जो सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देते हुए यात्रा को रोमांचक बनाती है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसका उद्घाटन किया, और यह दुनिया की पांचवीं ऐसी सड़क है।”
मुंबई कोस्टल रोड पर भारत की पहली म्यूजिकल रोड का उद्घाटन
मुंबई के छत्रपति संभाजी महाराज कोस्टल रोड (धर्मवीर छत्रपति संभाजी महाराज मार्ग) पर उत्तर दिशा में नरिमन पॉइंट से वरली की ओर जाने वाले लेन में 500 मीटर का विशेष हिस्सा तैयार किया गया है। इस हिस्से पर वाहन जब 60 से 80 किमी/घंटा की नियंत्रित स्पीड से गुजरते हैं, तो सड़क की सतह पर काटी गई सटीक ग्रूव्स (खांचे) टायरों से घर्षण पैदा करती हैं। यह घर्षण कंपन के रूप में ध्वनि तरंगें उत्पन्न करता है, जिससे ‘जय हो’ गाने की पूरी धुन स्पष्ट रूप से सुनाई देती है।
यह तकनीक हंगेरियन विशेषज्ञों की मदद से लागू की गई है, जो रंबल स्ट्रिप्स पर आधारित है। रंबल स्ट्रिप्स सामान्यतः सड़क सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होती हैं ताकि ड्राइवर को स्पीड कम करने की चेतावनी मिले, लेकिन यहां इन्हें संगीतमय बनाने के लिए पैटर्न में काटा गया है। स्पीड सही न होने पर धुन अधूरी या विकृत सुनाई देती है, जिससे ड्राइवर को स्थिर गति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाता है।
उद्घाटन और महत्व
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 11 फरवरी 2026 को इस प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने इस 500 मीटर स्ट्रेच को लगभग 6.21 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया। पूर्व सांसद राहुल शेवाले के कॉन्सेप्ट पर आधारित यह प्रोजेक्ट जापान, दक्षिण कोरिया, हंगरी और यूएई जैसी जगहों पर मौजूद मेलोडी रोड्स से प्रेरित है। मुंबई अब दुनिया में ऐसी सड़क वाली पांचवीं जगह बन गई है।
कैसे काम करती है यह तकनीक
सड़क पर ग्रूव्स की गहराई, चौड़ाई और दूरी को वैज्ञानिक रूप से तय किया गया है।
प्रत्येक ग्रूव टायर से संपर्क में आने पर अलग-अलग फ्रीक्वेंसी की ध्वनि पैदा करता है।
70-80 किमी/घंटा पर कंपन की फ्रीक्वेंसी ‘जय हो’ की मेलोडी मैच करती है।
टनल से निकलने के बाद प्रियदर्शिनी पार्क और अमरसन्स गार्डन के बीच यह स्ट्रेच शुरू होता है।
साइनबोर्ड 500 मीटर, 100 मीटर और 60 मीटर पहले लगाए गए हैं ताकि ड्राइवर स्पीड एडजस्ट कर सकें।
सड़क सुरक्षा और पर्यटक आकर्षण में योगदान
यह पहल सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं है। नियंत्रित स्पीड बनाए रखने से दुर्घटना की संभावना कम होती है। साथ ही, मुंबई कोस्टल रोड पहले से ही ट्रैफिक जाम से मुक्ति दे रही है, अब यह संगीतमय अनुभव यात्रियों को आकर्षित करेगा। अधिकारी बताते हैं कि सफलता मिलने पर अन्य हिस्सों या शहरों में भी इसे दोहराया जा सकता है। ‘जय हो’ का चयन देशभक्ति और गर्व की भावना जगाने के लिए किया गया, जो 2008 की फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर से ऑस्कर जीत चुका है।
विशेषताएं एक नजर में
लंबाई: 500 मीटर (उत्तरबाउंड लेन)
स्पीड रेंज: 60-80 किमी/घंटा
गाना: जय हो (ए.आर. रहमान)
तकनीक: प्रिसिजन ग्रूव्ड रंबल स्ट्रिप्स
लागत: लगभग 6.21 करोड़ रुपये
दुनिया में स्थान: पांचवीं म्यूजिकल रोड
उद्देश्य: सुरक्षित ड्राइविंग + अनोखा अनुभव
यह कदम भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर में नवाचार का प्रतीक है, जहां इंजीनियरिंग और संस्कृति का मेल देखने को मिल रहा है। मुंबईवासी और आने वाले पर्यटक अब इस अनोखे सफर का मजा ले सकते हैं।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारी और वर्तमान घटनाक्रम पर आधारित है।