अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं, भारत टैरिफ देगा लेकिन अमेरिका नहीं: ट्रंप का बड़ा बयान

“अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद भारत के साथ व्यापार सौदा बरकरार है। भारत टैरिफ चुकाएगा, हम नहीं। मोदी के साथ मेरे रिश्ते शानदार हैं और सौदा पहले जैसा ही रहेगा।” – डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं, भारत टैरिफ देगा, अमेरिका नहीं: ट्रंप का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद स्पष्ट किया है कि भारत के साथ हाल ही में घोषित अंतरिम व्यापार समझौते में कोई परिवर्तन नहीं होगा। कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया था, जिसके तहत भारत पर 18 प्रतिशत की दर से शुल्क लगाया जाना था। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सौदा बरकरार है और भारत टैरिफ का भुगतान जारी रखेगा जबकि अमेरिका को कोई टैरिफ नहीं देना पड़ेगा।

ट्रंप ने इस फैसले को “भयानक” बताया और जजों पर निशाना साधते हुए उन्हें “मूर्ख” कहा। उन्होंने तुरंत एक नया ग्लोबल 10 प्रतिशत टैरिफ लागू करने का आदेश दिया, जो 24 फरवरी से प्रभावी होगा और अधिकतम 150 दिनों तक चलेगा। इस नए टैरिफ के तहत भारत सहित सभी व्यापारिक साझेदारों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगेगा, हालांकि कुछ क्षेत्रों जैसे फार्मास्यूटिकल्स, क्रिटिकल मिनरल्स और एनर्जी प्रोडक्ट्स को छूट मिल सकती है।

फरवरी की शुरुआत में अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम फ्रेमवर्क समझौता हुआ था। इसके तहत अमेरिका ने भारत पर लगे 25 प्रतिशत पेनल्टी टैरिफ (रूसी तेल खरीद के कारण) को हटा दिया और रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया। बदले में भारत ने अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म करने या कम करने का वादा किया, साथ ही रूसी तेल खरीद बंद करने पर सहमति जताई। यह समझौता रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में भारत की ऊर्जा नीति पर दबाव का नतीजा था।

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सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को 6-3 के बहुमत से फैसला दिया कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। यह फैसला ट्रंप की व्यापार नीति को बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले के कई टैरिफ अवैध हो गए और अरबों डॉलर के रिफंड का मुद्दा उठ खड़ा हुआ।

ट्रंप ने कहा, “भारत के साथ मेरा रिश्ता फैंटास्टिक है। हम भारत के साथ व्यापार कर रहे हैं और कुछ नहीं बदलेगा। वे टैरिफ देंगे, हम नहीं।” उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि मोदी “शानदार व्यक्ति” हैं और “अमेरिकी प्रशासन के लोगों से कहीं ज्यादा स्मार्ट” हैं, जिस कारण भारत ने अमेरिका को “लूटा” था। ट्रंप ने दावा किया कि उनके दबाव से भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध टला, जब उन्होंने 200 प्रतिशत टैरिफ की धमकी दी थी।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत अब 10 प्रतिशत टैरिफ का सामना करेगा, जो पहले के 18 प्रतिशत से कम है, लेकिन यह अस्थायी है। भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय इस फैसले के प्रभाव का अध्ययन कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति भारत को दोबारा बातचीत के लिए मजबूत स्थिति दे सकती है, क्योंकि पहले का रेसिप्रोकल लाभ अब कमजोर पड़ गया है।

भारतीय निर्यातकों के लिए प्रमुख प्रभाव वाले क्षेत्रों में टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर और मशीनरी शामिल हैं। नए 10 प्रतिशत टैरिफ से इनकी लागत बढ़ सकती है, लेकिन 18 प्रतिशत से राहत भी मिली है। भारत ने अमेरिकी बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पहले से ही डिफेंस कोऑपरेशन और एनर्जी खरीद बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

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ट्रंप प्रशासन का कहना है कि नया टैरिफ सेक्शन 122 ऑफ ट्रेड एक्ट के तहत लगाया गया है, जो अस्थायी सर्जचार्ज की अनुमति देता है। यह वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ा रहा है, और कई देश अब नए समझौतों पर पुनर्विचार कर रहे हैं।

Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारी और वर्तमान घटनाक्रम पर आधारित है।

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