“गुजरात के खावड़ा में फैला 30 गीगावॉट क्षमता वाला यह हाइब्रिड पार्क दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट बन चुका है, जो सोलर और विंड एनर्जी के संयोजन से 16 मिलियन से अधिक घरों को बिजली सप्लाई करेगा और भारत के 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल लक्ष्य को मजबूती देगा। अदाणी ग्रीन एनर्जी इसकी मुख्य डेवलपर है, जबकि अन्य कंपनियां भी हिस्सेदारी ले रही हैं।”
भारत में दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, ₹150,000 Cr का है दांव; अदाणी समेत इनकी भागीदारी
गुजरात के कच्छ जिले में खावड़ा क्षेत्र में विकसित हो रहा गुजरात हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क (Khavda Renewable Energy Park) दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट है। यह पार्क 72,600 हेक्टेयर (726 वर्ग किलोमीटर) में फैला है, जो पेरिस शहर से लगभग 7 गुना बड़ा है। परियोजना पूरी होने पर इसकी कुल क्षमता 30 गीगावॉट (30,000 MW) होगी, जिसमें सोलर और विंड एनर्जी का हाइब्रिड मॉडल इस्तेमाल किया जा रहा है।
यह प्रोजेक्ट सालाना करीब 81 अरब यूनिट बिजली पैदा करेगा, जो 16.1 मिलियन घरों को रोशनी दे सकता है। इससे प्रतिवर्ष 5 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जो भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों के अनुरूप है। पार्क की अनुमानित लागत ₹1.5 लाख करोड़ (US$18 बिलियन) है, जो इसे भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा पहल बनाती है।
क्षमता वितरण और प्रगति (2026 तक अपडेटेड):
कुल प्लान्ड क्षमता: 30 GW (हाइब्रिड सोलर-विंड)
अदाणी ग्रीन एनर्जी (AGEL) की हिस्सेदारी: सबसे बड़ी, जिसमें 19 GW हाइब्रिड जोन आवंटित
अब तक कमीशन्ड (AGEL द्वारा): 5,355 MW+ से अधिक (सोलर, विंड और हाइब्रिड मिलाकर), जिसमें हाल ही में 307 MW अतिरिक्त जोड़े गए
अन्य आवंटन: NTPC, रिलायंस और अन्य कंपनियां भी हिस्सा ले रही हैं, लेकिन अदाणी का हिस्सा प्रमुख (9,500 MW+ सोलर और 2,824 MW हाइब्रिड)
हालिया कमीशन: 2025-26 में 50 MW सोलर, 126 MW हाइब्रिड और अन्य छोटे प्रोजेक्ट्स
निवेश और आर्थिक प्रभाव:
कुल निवेश: ₹150,000 करोड़
रोजगार सृजन: 100,000 नौकरियां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष
AGEL का कुल ऑपरेशनल पोर्टफोलियो: 17,000 MW+ पार (सोलर 11,000 MW+, विंड 2,000 MW+, हाइब्रिड 2,500 MW+)
2030 तक AGEL का लक्ष्य: 50 GW रिन्यूएबल क्षमता
हालिया ऐडिशन: FY25 में 3,300 MW+ भारत में सबसे ज्यादा
तकनीकी विशेषताएं:
हाइब्रिड मॉडल: दिन में सोलर और रात/मौसम में विंड से निरंतर उत्पादन
बैटरी एनर्जी स्टोरेज: भारत का सबसे बड़ा 1,126 MW / 3,530 MWh BESS (मार्च 2026 तक कमीशन)
ग्रिड इंटीग्रेशन: नेशनल ग्रिड से जुड़ाव, ट्रांसमिशन लाइनें मजबूत
पर्यावरण फायदे: जीरो वेस्ट-टू-लैंडफिल, वाटर पॉजिटिव प्लांट्स
अन्य प्रमुख भागीदार:
अदाणी ग्रीन एनर्जी: मुख्य डेवलपर, सबसे ज्यादा क्षमता
NTPC और अन्य PSU: कुछ जोन में हिस्सेदारी
प्राइवेट प्लेयर्स: रिलायंस और अन्य कंपनियां छोटे हिस्से में
यह प्रोजेक्ट कच्छ के रेगिस्तानी इलाके में बनेगा, जहां कोई आबादी नहीं है, इसलिए कोई स्थानीय विरोध नहीं। अंतरिक्ष से भी दिखने वाला यह पार्क भारत को क्लीन एनर्जी में ग्लोबल लीडर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। AGEL ने 2024 से तेजी से काम शुरू किया, जिसमें 1 GW+ क्षमता सिर्फ 12 महीनों में कमीशन्ड की गई।