ईरान संघर्ष से कार-बाइक की सर्विसिंग महंगी होगी? जेब पर पड़ सकती है युद्ध की मार

“ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें 25-30% तक बढ़ चुकी हैं, ब्रेंट क्रूड $98-100 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। भारत में पेट्रोल-डीजल कीमतें फिलहाल स्थिर रखी गई हैं, लेकिन सर्विसिंग, स्पेयर पार्ट्स और ट्रांसपोर्ट लागत में 10-20% तक इजाफा संभव है। LPG सिलेंडर की कीमतें पहले ही 7% बढ़ चुकी हैं, और अगर संघर्ष लंबा चला तो वाहन रखरखाव का खर्च आम आदमी की जेब पर भारी पड़ सकता है।”

ईरान संघर्ष से कार-बाइक की सर्विसिंग और रखरखाव पर पड़ने वाला असर

ईरान के साथ चल रहे संघर्ष ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट को हिला दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावी रूप से बंद होने से दुनिया का करीब 20% क्रूड ऑयल और काफी मात्रा में नेचुरल गैस का प्रवाह रुक गया है। भारत, जो अपनी 85% से ज्यादा तेल जरूरतें आयात करता है और इनमें से आधे से ज्यादा हिस्सा इसी रास्ते से आता है, सीधे प्रभावित हो रहा है।

क्रूड ऑयल की कीमतें युद्ध शुरू होने के बाद से तेजी से बढ़ी हैं। ब्रेंट क्रूड $98.96 प्रति बैरल पर सेटल हुआ, जबकि इंट्राडे में यह $119 तक पहुंच गया था। WTI क्रूड भी $94 के स्तर पर पहुंचा। यह 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। भारत में पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतें अभी नहीं बढ़ाई गई हैं, क्योंकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि $130 प्रति बैरल तक क्रूड पहुंचने पर ही बढ़ोतरी पर विचार होगा। फिलहाल स्टॉक और रूसी तेल की खरीद से सप्लाई स्थिर है।

लेकिन असली मार वाहन सर्विसिंग और रखरखाव पर पड़ रही है।

सर्विसिंग और स्पेयर पार्ट्स पर बढ़ता खर्च

ट्रांसपोर्ट लागत में उछाल : पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रहने पर भी लॉजिस्टिक्स कंपनियां हाई इंश्योरेंस और लंबे रूट्स के कारण फ्रेट चार्ज 15-25% तक बढ़ा रही हैं। इससे ऑटो पार्ट्स, टायर, लुब्रिकेंट्स और सर्विसिंग सामग्री का ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है।

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लुब्रिकेंट्स और ऑयल की कीमतें : अधिकांश इंजन ऑयल और ग्रीस पेट्रोलियम बेस्ड हैं। क्रूड बढ़ने से इनकी कीमतें 10-18% बढ़ सकती हैं। एक सामान्य बाइक सर्विस जहां पहले ₹800-1200 लगती थी, अब ₹1000-1500 तक पहुंच सकती है।

स्पेयर पार्ट्स इंपोर्ट : कई हाई-एंड पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स चीन, जापान या यूरोप से आते हैं। ग्लोबल शिपिंग रेट्स में 30-50% इजाफा हुआ है, क्योंकि होर्मुज रूट बंद होने से जहाजों को अफ्रीका के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे लोकल मार्केट में पार्ट्स 12-20% महंगे हो सकते हैं।

मैकेनिक और सर्विस सेंटर चार्ज : बढ़ती महंगाई से लेबर कॉस्ट भी बढ़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर में एक सामान्य सर्विस चार्ज ₹500-800 था, जो अब ₹700-1100 तक जा सकता है।

LPG और CNG पर असर, जो बाइक/कार यूजर्स को छूता है

LPG (कुकिंग गैस) की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं। दिल्ली में 14.2 kg सिलेंडर ₹913 तक पहुंच गया है, जो 7% की बढ़ोतरी है। CNG वाहनों के लिए भी गैस की कीमतें बढ़ने की आशंका है, क्योंकि LNG इंपोर्ट प्रभावित हैं। CNG बाइक और कार चलाने वालों की मासिक खर्च में ₹300-600 का इजाफा हो सकता है।

संभावित बढ़ोतरी का अनुमान (तालिका)

क्या करें आम उपभोक्ता?

अनावश्यक सर्विसिंग टालें, लेकिन नियमित मेंटेनेंस जारी रखें।

लोकल और रीजनल पार्ट्स का इस्तेमाल बढ़ाएं।

फ्यूल एफिशिएंट ड्राइविंग अपनाएं – ओवरलोडिंग और हाई स्पीड से बचें।

मदवर्तमान औसत खर्च (₹)अनुमानित बढ़ोतरी (%)नया अनुमानित खर्च (₹)
बाइक फुल सर्विसिंग800-120015-25950-1500
कार ऑयल चेंज + फिल्टर2000-350012-202300-4200
टायर (प्रति पीस)2500-400010-182800-4700
ब्रेक पैड/शू1500-300015-221800-3700
मासिक CNG खर्च (कार)4000-600010-154500-7000

अगर संभव हो तो इलेक्ट्रिक या CNG व्हीकल पर स्विच करने पर विचार करें, लेकिन शुरुआती लागत ज्यादा है।

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युद्ध की अनिश्चितता बनी हुई है। अगर होर्मुज जल्द खुल जाता है और सप्लाई नॉर्मल होती है तो कीमतें नीचे आएंगी, लेकिन लंबे समय तक संघर्ष चला तो ऑटोमोबाइल से जुड़े हर खर्च में स्थायी इजाफा हो सकता है।

Disclaimer : यह लेख उपलब्ध जानकारी और वर्तमान बाजार ट्रेंड्स पर आधारित है। कीमतें बदल सकती हैं।

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