“पेट्रोल से कार पार्ट्स साफ करने की आम आदत आग लगने, स्वास्थ्य जोखिम और पार्ट्स को नुकसान पहुंचाने का कारण बन सकती है; विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ज्वलनशीलता और विषाक्तता से बड़े हादसे हो सकते हैं, जबकि सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं।”
भारत में लाखों कार मालिक और मैकेनिक पेट्रोल का इस्तेमाल इंजन पार्ट्स, टायर और बॉडी को चमकाने के लिए करते हैं, लेकिन यह प्रथा गंभीर खतरे पैदा कर रही है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, देश में सालाना 500 से अधिक आग लगने की घटनाएं ज्वलनशील तरल पदार्थों के गलत उपयोग से जुड़ी हैं, जिनमें पेट्रोल से सफाई शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल की उच्च ज्वलनशीलता के कारण स्पार्क या गर्मी स्रोत से आग भड़क सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है।
पेट्रोल में मौजूद बेंजीन जैसे रसायन फेफड़ों और त्वचा को प्रभावित करते हैं, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है। एक अध्ययन में पाया गया कि ऐसे रसायनों के संपर्क में आने वाले मैकेनिकों में श्वसन संबंधी बीमारियां 30% अधिक होती हैं। इसके अलावा, E20 ईंधन मिश्रण, जो अब भारत में मानक है, में एथनॉल की मात्रा पार्ट्स को और तेजी से जंग लगाने का कारण बनती है, खासकर रबर सील और प्लास्टिक कंपोनेंट्स पर।
खतरों की मुख्य सूची:
आग का जोखिम: पेट्रोल के वाष्प हवा से भारी होते हैं और जमीन पर जमा होकर वेल्डिंग स्पार्क या पायलट लाइट से प्रज्वलित हो सकते हैं। हाल में दिल्ली में एक गैरेज में ऐसी घटना से पूरा वाहन जल गया।
स्वास्थ्य प्रभाव: विषाक्त वाष्प से सिरदर्द, चक्कर और लंबे समय में किडनी डैमेज हो सकता है। मैकेनिक यूनियनों ने इसे व्यावसायिक खतरा बताया है।
पार्ट्स को नुकसान: पेट्रोल पेंट को घोल सकता है और रबर को सूजा सकता है, जिससे ब्रेक सिस्टम या इंजन सील खराब हो जाते हैं, मरम्मत लागत 5,000 से 20,000 रुपये तक बढ़ सकती है।
पर्यावरणीय प्रभाव: बेकार पेट्रोल मिट्टी और पानी को प्रदूषित करता है, जो जल स्रोतों को प्रभावित करता है।
| खतरा | विवरण | संभावित परिणाम |
|---|---|---|
| ज्वलनशीलता | उच्च वाष्प दबाव से विस्फोट | आग लगना, संपत्ति नुकसान |
| विषाक्तता | बेंजीन और एरोमैटिक्स | कैंसर, श्वसन रोग |
| संक्षारकता | एथनॉल मिश्रण से जंग | पार्ट्स विफलता, महंगी मरम्मत |
| पर्यावरण | प्रदूषण | जल और मिट्टी दूषित |
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पेट्रोल की जगह डीजल या विशेष क्लीनर जैसे डीग्रीजर का उपयोग करें, जो कम ज्वलनशील होते हैं। ऑटोमोटिव एसोसिएशन ने हाल में एक अभियान शुरू किया है, जिसमें 10,000 से अधिक मैकेनिकों को सुरक्षित प्रथाओं की ट्रेनिंग दी गई। यदि आप पेट्रोल इस्तेमाल कर रहे हैं, तो वेंटिलेटेड जगह पर काम करें और फायर एक्सटिंग्विशर रखें, लेकिन बेहतर है कि इससे बचें।
सुरक्षित विकल्पों के टिप्स:
डीजल या केरोसीन का उपयोग: कम ज्वलनशील और प्रभावी।
कमर्शियल क्लीनर: ब्रांड जैसे WD-40 या लोकल डीग्रीजर, जो पार्ट्स को सुरक्षित रखते हैं।
प्रोफेशनल सर्विस: प्रमाणित गैरेज में सफाई करवाएं, जहां सुरक्षा मानक होते हैं।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट सूचना और सलाह के उद्देश्य से है, पेशेवर चिकित्सा या कानूनी सलाह नहीं। स्रोतों पर आधारित, लेकिन व्यक्तिगत उपयोग पर निर्भर।