“Tesla की Model Y को भारत में धीमी बिक्री का सामना करना पड़ रहा है, जहां 2025 में आयातित 300 यूनिट्स में से करीब 100 बिना बिके पड़े हैं। कंपनी चुनिंदा वेरिएंट्स पर 2 लाख रुपये तक की छूट दे रही है, लेकिन ऊंची इंपोर्ट ड्यूटी और प्रतिस्पर्धा के कारण डिमांड कमजोर बनी हुई है।”
Tesla की Model Y SUV भारत में अपनी शुरुआती लॉन्च के बाद बिक्री में सुस्ती देख रही है। 2025 में मिड-ईयर लॉन्च के साथ कंपनी ने लगभग 300 यूनिट्स आयात कीं, लेकिन चार महीनों बाद भी करीब 100 यूनिट्स इन्वेंटरी में पड़ी हुई हैं। चुनिंदा कस्टमर्स और टेस्ट-ड्राइव लेने वालों को टारगेट करते हुए Tesla ने Standard Range वेरिएंट पर 2 लाख रुपये तक की छूट शुरू की है, जो मुख्य रूप से Stealth Grey कलर और ब्लैक इंटीरियर वाली यूनिट्स पर लागू है।
यह छूट 2025 मॉडल ईयर की इन्वेंटरी क्लियर करने के लिए है, जहां बेस प्राइस 59.89 लाख रुपये एक्स-शोरूम से शुरू होती है। हालांकि, 110% तक की इंपोर्ट ड्यूटी के कारण कुल कीमत 70,000 डॉलर के आसपास पहुंच जाती है, जो BMW और BYD जैसे कॉम्पिटिटर्स की तुलना में महंगी साबित हो रही है।
बिक्री की चुनौतियां:
शुरुआती बुकिंग्स: लॉन्च पर 600 बुकिंग्स मिलीं, लेकिन कई कस्टमर्स ने ऑर्डर कैंसल कर दिए या डिलीवरी नहीं ली।
रजिस्ट्रेशन डेटा: 2025 में भारत में केवल 227 Tesla व्हीकल्स रजिस्टर्ड हुए।
कॉम्पिटिशन: लोकल EV मार्केट में BYD की सस्ती मॉडल्स और BMW की लक्जरी EVs ज्यादा पॉपुलर हैं, जहां Tesla की हाई प्राइसिंग बैरियर बनी हुई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: चार्जिंग नेटवर्क की कमी और रोड कंडीशंस EV एडॉप्शन को प्रभावित कर रही हैं।
| वेरिएंट | ओरिजिनल प्राइस (एक्स-शोरूम, लाख रुपये में) | छूट के बाद प्रभावी प्राइस | उपलब्धता |
|---|---|---|---|
| Standard Range (Stealth Grey) | 59.89 | 57.89 तक | लिमिटेड स्टॉक, टारगेटेड ऑफर |
| Long Range | 63.34 | कोई छूट नहीं | फुल प्राइस |
| Performance | 71.78 | कोई छूट नहीं | फुल प्राइस |
Tesla की यह रणनीति ग्लोबल स्लोडाउन को दर्शाती है, जहां 2025 में कंपनी की कुल डिलीवरी 1.64 मिलियन यूनिट्स रही, जबकि BYD ने 2.26 मिलियन यूनिट्स बेचीं। भारत में EV सेगमेंट ग्रोथ के बावजूद, Tesla की फुल इंपोर्ट स्ट्रैटेजी लोकल मैन्युफैक्चरिंग की कमी से जूझ रही है।
संभावित प्रभाव:
कस्टमर इंसेंटिव्स: छूट से कुछ बायर्स आकर्षित हो सकते हैं, लेकिन लॉन्ग-टर्म डिमांड के लिए लोकल प्रोडक्शन जरूरी।
मार्केट शिफ्ट: अगर डिस्काउंट कामयाब रहा, तो Tesla अन्य मॉडल्स जैसे Model 3 को भारत में ला सकती है।
इंडस्ट्री ट्रेंड: EV सेक्टर में प्राइस वॉर बढ़ सकता है, जहां Hyundai और Tata जैसी कंपनियां पहले से मजबूत हैं।
Disclaimer: यह लेख न्यूज, रिपोर्ट्स, टिप्स और सोर्सेज पर आधारित है।