“केंद्रीय कर्मचारी फेडरेशन ने हालिया 2% DA हाइक को अपर्याप्त बताते हुए मूल वेतन में महंगाई भत्ता मर्ज करने की मांग की है, जिससे पेंशन और अन्य लाभों में बढ़ोतरी हो सकती है; फेडरेशन का दावा है कि 50% DA स्तर पार करने पर मर्ज जरूरी, वित्त मंत्रालय पर दबाव बढ़ा।”
केंद्रीय कर्मचारी फेडरेशन ने सरकार से महंगाई भत्ता (DA) को मूल वेतन में मर्ज करने की मांग तेज कर दी है। फेडरेशन के नेताओं का कहना है कि हालिया 2% DA बढ़ोतरी से कर्मचारियों को मुद्रास्फीति के खिलाफ पर्याप्त राहत नहीं मिल रही। वर्तमान में DA दर 53% तक पहुंच चुकी है, जो कि AICPI (All India Consumer Price Index) के आंकड़ों पर आधारित है। फेडरेशन के महासचिव ने कहा कि जब DA 50% के स्तर को पार कर जाता है, तो इसे मूल वेतन में शामिल करना जरूरी हो जाता है, जैसा कि पहले की सिफारिशों में सुझाया गया था।
इस मांग के पीछे मुख्य वजह मुद्रास्फीति की बढ़ती दर है। RBI के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, खुदरा मुद्रास्फीति 5.5% के आसपास बनी हुई है, जबकि खाद्य मुद्रास्फीति 7% से ऊपर है। फेडरेशन का तर्क है कि छोटी-छोटी प्रतिशत बढ़ोतरी से कर्मचारियों की क्रय शक्ति नहीं बढ़ रही, बल्कि DA को मूल वेतन में मर्ज करने से HRA (House Rent Allowance), TA (Travel Allowance) और पेंशन जैसे लाभों में स्वतः वृद्धि होगी। इससे करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 60 लाख पेंशनभोगियों को फायदा पहुंच सकता है।
फेडरेशन ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों का हवाला दिया, जहां DA मर्ज की प्रक्रिया पर चर्चा हुई थी। वर्तमान में मूल वेतन पर DA की गणना से कर्मचारियों को औसतन 1,500 से 3,000 रुपये मासिक अतिरिक्त मिल रहे हैं, लेकिन मर्ज होने पर यह राशि मूल वेतन का हिस्सा बन जाएगी, जिससे भविष्य के वेतन संशोधनों में बड़ा असर पड़ेगा। फेडरेशन के एक प्रवक्ता ने बताया कि यदि DA मर्ज नहीं हुआ, तो कर्मचारियों को महंगाई के बोझ से निपटने में मुश्किल आएगी, खासकर मेट्रो शहरों में जहां किराया और जीवनयापन लागत 20% सालाना बढ़ रही है।
DA हाइक का इतिहास और वर्तमान स्थिति:
| वर्ष | DA बढ़ोतरी (%) | कुल DA दर (%) | मुख्य कारण |
|---|---|---|---|
| 2023 | 4 | 46 | COVID-19 के बाद मुद्रास्फीति में उछाल |
| 2024 | 3 + 4 | 50 | तेल कीमतों में वृद्धि और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला समस्याएं |
| 2025 | 3 | 53 | खाद्य मुद्रास्फीति और मौसम संबंधी प्रभाव |
| 2026 (हालिया) | 2 | 55 | AICPI इंडेक्स में मामूली वृद्धि, लेकिन फेडरेशन असंतुष्ट |
यह तालिका दर्शाती है कि DA दर लगातार बढ़ रही है, लेकिन फेडरेशन का मानना है कि 2% जैसी छोटी बढ़ोतरी से लंबी अवधि में कोई फायदा नहीं। पिछले दशक में DA को दो बार मूल वेतन में मर्ज किया गया था – 2004 में 50% DA मर्ज और 2016 में 125% DA मर्ज, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में 20-30% की वृद्धि हुई।
फेडरेशन की प्रमुख मांगें:
DA मर्ज की तत्काल कार्रवाई: 50% DA स्तर पार करने पर स्वचालित मर्ज प्रक्रिया लागू करें, जिससे मूल वेतन में 25-30% की वृद्धि हो।
पेंशन सुधार: NPS (New Pension Scheme) के तहत पेंशनभोगियों को DA मर्ज का लाभ दें, वर्तमान में OPS (Old Pension Scheme) की मांग भी जोर पकड़ रही है।
मुद्रास्फीति इंडेक्स सुधार: AICPI को अधिक सटीक बनाने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अलग-अलग इंडेक्स लागू करें।
अन्य भत्तों में बढ़ोतरी: DA मर्ज के साथ CCA (City Compensatory Allowance) और DA पर कर छूट की सीमा बढ़ाएं।
वार्ता की मांग: वित्त मंत्रालय और DoPT (Department of Personnel and Training) के साथ तुरंत बैठक बुलाएं, अन्यथा हड़ताल की चेतावनी।
फेडरेशन ने विभिन्न राज्यों के कर्मचारी संघों से समर्थन जुटाया है, जिसमें रेलवे, डाक और बैंक कर्मचारी शामिल हैं। एक सर्वे के अनुसार, 80% कर्मचारियों का मानना है कि DA मर्ज से उनकी बचत में 15% की वृद्धि हो सकती है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, DA मर्ज से सरकारी खजाने पर 1 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, लेकिन फेडरेशन इसे निवेश मानता है जो उत्पादकता बढ़ाएगा।
आर्थिक प्रभाव:
DA मर्ज से GDP पर सकारात्मक असर पड़ सकता है, क्योंकि कर्मचारियों की बढ़ी हुई आय से उपभोग बढ़ेगा। CRISIL की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 10% वृद्धि से खुदरा क्षेत्र में 5% की ग्रोथ हो सकती है। हालांकि,财政 घाटे को नियंत्रित करने के लिए सरकार DA हाइक को सीमित रखना चाहती है, लेकिन फेडरेशन का दबाव बढ़ता जा रहा है।
फेडरेशन ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसमें JCM (Joint Consultative Machinery) की बैठकें शामिल होंगी। कर्मचारियों के लिए DA कैलकुलेटर ऐप्स जैसे PayMatrix का उपयोग बढ़ रहा है, जहां मर्ज के प्रभाव को सिमुलेट किया जा सकता है।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न स्रोतों पर आधारित है और सूचना उद्देश्यों के लिए है।