स्टार्टअप्स का क्रेज हुआ फीका! EV टू-व्हीलर मार्केट में पुराने ब्रांड्स फिर जीत रहे दिल; जानिए क्या है वजह

“भारत के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में बड़ा उलटफेर! 2025 में कुल 12.80 लाख यूनिट्स बिकीं, लेकिन Ola Electric की हिस्सेदारी आधी से भी कम रह गई। TVS, Bajaj और Hero जैसे पुराने ब्रांड अब 60% से ज्यादा बाजार पर कब्जा कर चुके हैं, जबकि स्टार्टअप्स की चमक फीकी पड़ गई है। वजहें हैं सर्विस की कमी, क्वालिटी शिकायतें और ग्राहक विश्वास का टूटना।”

EV टू-व्हीलर मार्केट में पुराने ब्रांड्स की वापसी

भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट तेजी से बदल रहा है। 2025 में कुल रजिस्ट्रेशन 12.80 लाख यूनिट्स तक पहुंचे, जो पिछले साल से 11.9% अधिक हैं, लेकिन ग्रोथ पहले की तुलना में काफी धीमी हो गई है। यहां सबसे बड़ा बदलाव यह है कि स्टार्टअप्स का दबदबा खत्म हो चुका है और पुराने दोपहिया निर्माता फिर से बाजार पर राज कर रहे हैं।

TVS Motor Company ने 2025 में लगभग 2.98 लाख यूनिट्स बेचीं, जो साल-दर-साल 36.2% की बढ़ोतरी दर्शाती है। Bajaj Auto ने 2.69 लाख यूनिट्स के साथ 40.1% ग्रोथ हासिल की। दोनों मिलकर 45% से ज्यादा बाजार हिस्सा ले चुके हैं। Hero MotoCorp की Vida ब्रांड ने भी तेज रिकवरी दिखाई, जहां सेल्स में 154.4% की छलांग लगी।

इसके उलट Ola Electric, जो 2024 में 35.5% मार्केट शेयर के साथ लीडर था, 2025 में सिर्फ 1.99 लाख यूनिट्स बेच पाई। इसका मार्केट शेयर 15% से भी नीचे आ गया, यानी साल-दर-साल 51% से ज्यादा की गिरावट। जनवरी 2026 में तो Ola की हिस्सेदारी 6% से भी कम रह गई, जबकि TVS ने 28% के साथ टॉप पर कब्जा किया।

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जनवरी 2026 की टॉप सेलिंग कंपनियां (Vahan डेटा के अनुसार)

TVS Motor: 34,440 यूनिट्स (मार्केट शेयर ~28%)

Bajaj Auto (Chetak): 25,520 यूनिट्स (मार्केट शेयर ~21%)

Ather Energy: 21,923 यूनिट्स (मार्केट शेयर ~18%)

Hero Vida: 13,274 यूनिट्स (मार्केट शेयर ~11%)

Ola Electric: 7,000-8,000 यूनिट्स के आसपास (मार्केट शेयर <6%)

TVS, Bajaj और Hero मिलकर जनवरी 2026 में 60% से ज्यादा बाजार पर कब्जा कर चुके हैं, जबकि 2023 में यह हिस्सा सिर्फ 34% था।

स्टार्टअप्स के क्रेज फीके पड़ने की मुख्य वजहें

ग्राहक अब विश्वसनीयता और सर्विस को प्राथमिकता दे रहे हैं। Ola Electric को सर्विस सेंटर्स में देरी, वाहन में आग लगने की घटनाएं, क्वालिटी इश्यू और सोशल मीडिया पर लगातार शिकायतों का सामना करना पड़ा। इन मुद्दों ने ब्रांड ट्रस्ट को गहरा नुकसान पहुंचाया, जिससे बिक्री में भारी गिरावट आई। कंपनी ने IPO के बाद स्टॉक में 70% से ज्यादा की गिरावट देखी, जो निवेशक विश्वास की कमी को दर्शाता है।

दूसरी ओर पुराने ब्रांड्स की ताकत उनके मजबूत डीलर नेटवर्क, बेहतर आफ्टर-सेल्स सपोर्ट और व्यापक सर्विस सेंटर में है। TVS iQube और Bajaj Chetak जैसे मॉडल ग्राहकों को बेहतर बिल्ड क्वालिटी, लंबी रेंज और कम मेंटेनेंस का भरोसा देते हैं। Bajaj ने हाल में Chetak C25 जैसा अफोर्डेबल मॉडल लॉन्च किया, जिसने सेल्स को और बढ़ावा दिया। Hero Vida ने भी VX2 सीरीज और नए इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल से बाजार में जगह बनाई।

Ather Energy जैसे कुछ स्टार्टअप्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, जहां 2025 में 2 लाख यूनिट्स के करीब बिक्री हुई और जनवरी 2026 में 67% YoY ग्रोथ दर्ज की गई। लेकिन कुल मिलाकर स्टार्टअप्स का हाइप अब ग्राउंड रियलिटी से टकरा गया है।

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बाजार में क्या बदलाव आया

पुराने ब्रांड्स ने तेजी से EV पोर्टफोलियो बढ़ाया और सब्सिडी खत्म होने के बावजूद ग्रोथ बनाए रखी।

ग्राहक अब ‘ट्राई एंड ट्रस्टेड’ ब्रांड्स की ओर मुड़ रहे हैं, जहां सर्विस और रीसेल वैल्यू बेहतर है।

कुल EV पेनेट्रेशन दोपहिया सेगमेंट में बढ़ रहा है, लेकिन 2026 में 25-35% तक पहुंचने की उम्मीद है।

कंपनियां अब कॉस्ट कटिंग, इन-हाउस बैटरी प्रोडक्शन और नए अफोर्डेबल मॉडल्स पर फोकस कर रही हैं।

यह बदलाव दिखाता है कि EV मार्केट में इनोवेशन के साथ-साथ एक्जीक्यूशन और ग्राहक संतुष्टि कितनी अहम है। पुराने ब्रांड्स ने सबक लिया और वापसी की, जबकि स्टार्टअप्स को अब ट्रस्ट दोबारा बनाने की चुनौती है।

Disclaimer: यह खबर बाजार के रुझानों और उपलब्ध डेटा पर आधारित है। निवेश या खरीद से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।

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