“आज के कारोबार में सेंसेक्स 1,048 अंक टूटकर 82,627 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 336 अंक गिरकर 25,471 पर बंद हुआ। IT सेक्टर में AI से जुड़ी चिंताओं के कारण लगातार तीसरे दिन बिकवाली रही, मेटल सेक्टर में भी 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक संकेत कमजोर रहने से निवेशक सतर्क दिखे।”
शेयर बाजार में भारी बिकवाली का दौर
आज भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 ने 25,500 के स्तर को तोड़ते हुए 25,471.10 पर बंदी की, जो पिछले सत्र से 336.10 अंक या 1.30% की कमी दर्शाता है। इसी तरह बीएसई सेंसेक्स 1,048.16 अंक यानी 1.25% गिरकर 82,626.76 पर बंद हुआ।
दिन भर का कारोबार देखें तो निफ्टी का ओपनिंग स्तर 25,571.15 रहा, उच्चतम स्तर 25,630.35 और निम्नतम स्तर 25,444.30 पर पहुंचा। कुल मिलाकर 45 स्टॉक गिरावट में रहे जबकि सिर्फ 5 में तेजी आई। बाजार की कुल गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में लगभग 7.4 लाख करोड़ रुपये की कमी आई, जिससे बीएसई की कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 465 लाख करोड़ रुपये पर आ गई।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस में व्यापक कमजोरी
सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा नुकसान मेटल सेक्टर को हुआ, जहां निफ्टी मेटल इंडेक्स 3.31% टूटा। इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर मेटल प्राइस और मजबूत डॉलर का असर दिखा। हिंदाल्को जैसी कंपनियां प्रमुख रूप से प्रभावित रहीं, क्योंकि अमेरिका में संभावित टैरिफ बदलाव से एल्युमिनियम प्रीमियम पर असर पड़ सकता है।
IT सेक्टर में लगातार तीसरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.44% से 5% तक की साप्ताहिक गिरावट देखी गई, जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। AI से जुड़ी चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क किया है, क्योंकि एंथ्रोपिक और पलांटिर जैसी कंपनियों के AI इनोवेशन से भारतीय आईटी फर्मों के लेबर-इंटेंसिव मॉडल पर दबाव बढ़ सकता है। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और विप्रो जैसी प्रमुख कंपनियां प्रमुख लूजर्स रहीं, हालांकि कुछ स्टॉक अंत में थोड़ा संभले।
अन्य सेक्टरों में भी गिरावट रही:
रियल्टी: 2.23% नीचे
FMCG: 1.90% गिरावट
ऑयल एंड गैस: 1.88% कमजोर
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: 1.29% नीचे
प्राइवेट बैंक: 1.02% गिरावट
प्रमुख स्टॉक मूवर्स
टॉप लूजर्स में HUL, Eternal, टाटा स्टील, टाइटन, अडानी पोर्ट्स और रिलायंस जैसी हेवीवेट कंपनियां शामिल रहीं, जो 4.5% तक गिरीं। आईटी पैक से इंफोसिस और टीसीएस सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
वहीं, ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी दिखी। मिडकैप इंडेक्स 1.71% और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.79% गिरे।
वैश्विक और घरेलू फैक्टर
बाजार की इस गिरावट के पीछे कई वजहें रहीं। वैश्विक स्तर पर वॉल स्ट्रीट और एशियाई बाजारों में कमजोरी, मजबूत डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी डेटा से ब्याज दर कटौती की उम्मीदें कम होना प्रमुख रहा। भारत में रुपए की कमजोरी और AI डिसरप्शन की आशंका ने निवेशकों का भरोसा डगमगाया। इंडिया VIX में 10-14% तक की तेजी से बाजार में अस्थिरता बढ़ गई।
तकनीकी स्तर और आगे का रुख
निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 25,550 पर है, जबकि सपोर्ट 25,400 के आसपास दिख रहा है। बैंक निफ्टी 60,186.65 पर बंद हुआ, जो 553 अंक या 0.91% नीचे है। इसका रेजिस्टेंस 60,400 और सपोर्ट 60,000 के स्तर पर है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI से जुड़ी अनिश्चितताएं और वैश्विक संकेत कमजोर रहने से शॉर्ट टर्म में निफ्टी 25,000 तक जा सकता है। निवेशकों को सतर्क रहने और क्वालिटी स्टॉक पर फोकस करने की सलाह दी जा रही है।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट बाजार की वास्तविक स्थितियों पर आधारित है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।